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गोपेश्वर (चमोली)। सभी टीको के सही रखरखाव, प्रबंधन एवं वैक्सीन से रोकथाम योग्य रोग की निगरानी और टीकाकरण की तकनीकी के बारे में जानकारी के लिए चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को जिले के चिकित्सकों के लिए एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

भारत में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम दुनिया की सबसे बड़ी टीकाकरण परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई जानलेवा बीमारियों से बचाना है। इसके अंतर्गत सरकार की ओर से क्षय रोग, हेपेटाइटिस बी, पोलियो, गलघोटू, काली खांसी, टिटनेस, हिब, रोटा वायरस, निमोनिया और खसरा-रूबेला जैसी कई जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए मुफ्त में टीकाकरण करवाया जाता है।

कार्यशाला में स्टेट सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर विश्व स्वास्थ्य संगठन उत्तराखंड देहरादून के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. विकास शर्मा ने चिकित्सा अधिकारियों को नियमित टीकाकरण के अंतर्गत टीकाकरण की तकनीकी एवं वैक्सीन प्रीवेंटिव डिजीज की निगरानी के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गयी।  जानकारी दी कि क्षेत्र में होने वाले प्रत्येक एपिडेमिक के संबंध में तत्काल अपने निकटतम चिकित्सालय के माध्यम से विकासखंड तथा जनपद स्तर को अनिवार्य रूप से समय से सूचित करेंगे ताकि बीमारियों के खतरों से बचाव के लिए निगरानी के साथ-साथ उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. वीपी सिंह डॉ. शिखा भट्ट, डॉ. शैली यादव, रचना, उदय सिंह रावत, महेश देवराडी, वपिन कुमार आदि मौजूद थे।

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