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गोपेश्वर (चमोली)। डेरी एवं पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने और महिलाओं में कार्य बोझ में कमी लाने के लिए चारा विकास योजना सहायक सिद्ध होगी। यह बात हिमाद के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने रविवार को हिमोत्थान सोसायटी देहरादून, टाटा ट्रस्ट मुम्बई और ग्राम्य विभाग के सहयोग से ग्राम पंचायत झिरकोटी, कोली, छांतोली और कनोट में आयोजित ग्राम पंचायतों, महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के माध्यम से मनरेगा युगपति करण के तहत चारा विकास योजना में पौधरोपण कार्यक्रम में कही।

उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन एवं डेरी उद्योग से जुडाव कर महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये जा सकते हैं साथ ही गांव की बंजर भूमि का सुधारीकरण कर चारा प्रजाति के पौधों का रोपण कर पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता हैै। उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग से समन्वय स्थापित कर मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत के माध्यम से चारा विकास योजना का अनुमोदन कर स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार देने के साथ ही आर्थिक रूप से सशक्त करने में संस्था की ओर से कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने पशुपालन एवं डेरी व्यवसाय को बढ़ावा देने की तकनीकी जानकारी भी दी। इस अवसर पर हिमाद की समन्वयक प्रभा रावत ने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित लघु उद्यमों को विकासित कर महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्नत प्रजातियों के पशुओं का पालन पोषण कर ग्राम स्तर पर डेरी व्यवसाय का संचालान किया जा सकता है। उन्होंने समूहों के माध्यम से पंरपरागत रूप से किये जा रहे उद्यमों में नवाचार तकनीकी  जानकारी दी। कार्यक्रम में झिरकोटी की प्रधान भुवना देवी ने मनरेगा योजना के मानको की जानकारी दी। इस मौके पर कोली की प्रधान पुष्पा देवी, विक्रम सिंह, कनोठ शाकंबरी देवी, महिला स्वयं सहयता की अध्यक्ष कमला देवी, प्रीति देवी, सुनीता देवी, इंद्रकला देवी, रेखा देवी, हिमाद के भूपेंद्र गुसांई, लीला देवी, संदीप चैहान, काजल देवी, मनोज कठैत, पंकज पुरोहित आदि मौजूद थे।

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