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गोपेश्वर (चमोली)। लगातार मौसम में हो रहे बदलाव के इस दौर में समुदाय को जलवायु परिर्तन के खतरों से बचाने और पर्यावरण संरक्षण की तकनीकी को विकसित करने के लिये लोगों को जागरूक करने के लिए  ग्रामीण स्तर पर ईको लेब की स्थापना पर जोर दिया गया। हिमाद संस्था की ओर से आरजीएफ संस्था दिल्ली के सहयोग से सोमवार को ईको लेब की स्थापना की गई।

कार्यालय का उद्घाटन करते हुए नवज्योति महिला कल्याण समिति के सचिव महानंद बिष्ट ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की मार से पिछले 10 से 15 वर्षों से कृषिकरण पर प्रभाव पड़ रहा है। जिससे यहां की फसलों एवं फलदार पेड़ खराब होते जा रहे है। यही नहीं जलवायु परिवर्तन का प्रभाव जीव जंतुओं पर भी पड़ रहा है। इस लिए जलवायु परिवर्तन की जानकारी ईको लेब के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने में लाभकारी सिद्ध होगी। इस अवसर पर हिमाद के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और संर्वधन में ग्रामीणों की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए ईको लेब सहायक हो सकती है। इको लेब की एंकर प्रभा रावत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का ग्रामीण क्षेत्रों में सीधा प्रभाव देखा जा रहा है, जिसमें सुखा, बाढ़ भूस्खलन प्रमुख है। इस पंकज पुरोहित, दीपक नेगी, अनिता फरस्वाण, अनिल सती, नवीन बिष्ट, भूपेन्द्र गुंसाई, पुष्कर लाल, लीला देवी, मनोज कठैत, विनोद मंमगाई, हेमा रावत आदि मौजूद थे।

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