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जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मुख्यमंत्री नवाचार योजना के अंर्तगत संचालित स्थानीय जैव विविधता संसाधनों की सूची सतत उपयोग एवं संरक्षण निगरानी कार्यक्रम का समापन हो गया है।

कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय के प्राचार्य डा. वीएन खाली और प्रशासनिक अधिकारी आरएल पोखरियाल ने किया।  इस मौके पर बोलते हुए प्राचार्य ने कहा कि जैव विविधता का संतुलन बनाना जरूरी है। इसका विदोहन कम से कम करना चाहिए, जिससे हमारा पर्यावरण सुरक्षित एवं संरक्षित रह सके। इस प्रकार के कार्यक्रमों से हमारे विद्यार्थियों को नया प्लेटफार्म एवं ज्ञानवर्धक जानकारी मिलती हैं यह उनकी जीवन में आगे चलकर बहुत उपयोगी सिद्ध होगा। मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. एसएस राणा ने कहा कि जैव विविधता में जीव जंतु वनस्पति सम्मिलित हैं। जिस गति से यह हमारे क्षेत्र में गाजर घास पनप रही है वह हमारी जैव विविधता को बहुत नुकसान पहुंचा रही है। इसलिए पर्यावरण का सतत विकास हमारे जन जीवन के लिए आवश्यक है। वन हमारे मित्र होते हैं इनको  नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए, इन को संरक्षित करने का प्रयास हम सबको मिल जुलकर करना चाहिए। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आनंद कुमार ने कहा कि जैव विविधता को बचाए रखना इसका सतत उपयोग एवं संरक्षण निगरानी बहुत जरूरी है तभी लंबे समय तक यह जैवविविधता एवं पर्यावरण संरक्षित रह सकता है। इस मौके पर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. जीके सेमवाल, नंदन सिंह रावत, देवेंद्र कुमार, पवन कुमार, डा. नवीन कोहली, अरुण कुमार, डा. मंजू यादव आदि मौजूद थे।

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