पीपलकोटी (चमोली)। चमोली जिले के तल्ला पैनखंडा बदरीनाथ धाम के प्रवेश द्वार पाखी गरूड गंगा में आयोजित पांडव लीला में गुरूवार को गेंडा वध का मंचन किया गया। जिसे देखने के लिए क्षेत्र के दूर दराज से श्रद्धालु पहुंचे थे।
सदियों से पहाडों में पांडवों के प्रति स्नेह और प्रेम रहा है। यही कारण है कि यहां पर प्रत्येक वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में पांडवों की याद में पांडव लीला का आयोजन किया जाता है। आजकल पहाडों में अनेक स्थानों पर पांडव लीलाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी के चलते पाखी गरूडगंगा में पांडव नृत्य के आखिरी दिन गेंडा वध का आयोजन किया गया जिसको देखने के लिये पूरे पैनखंडा के अलावा बंड पट्टी और दशोली के श्रद्धालु पहुंचे थे। मान्यता है कि पांडवों को अपने पित्रों के तर्पण के लिए गेंडे की खगोती की जरूरत होती है तो धर्नुधर अर्जुन हाथी में बैठकर श्रीकृष्ण भगवान के मार्गदर्शन में नागलोक में जाकर गेंडे का वध करते है। गुरूवार को पांडव गरूड़गंगा नदी के तट पर स्नान कर अपने पित्रों को तर्पण देने के साथ ही अपने अस्त्र-शस्त्रों को पवित्र गंगा का जलाभिषेक करने के साथ ही लीला का समापन हो गया है।

