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गोपेश्वर (चमोली)। शीतजल मात्स्यकी अनुसंसाधन निदेशालय भीमताल की ओर से चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड के उर्गम घाटी के गांव में रेनवो ट्राउड मछलियों की प्रबंधन तकनीक को लेकर रविवार को एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान निदेशालय के विषय विशेषज्ञों ने क्षेत्र के 45 मत्स्य पालकों को मत्स्य प्रबंधन तकनीकी के गुर सिखाये गये।  बता दें, उर्गम गांव में 40 यूनिटों का निमार्ण हुआ है। जिसमें 11 मत्स्य पालक ट्राउड उत्पादक कार्य कर रहे है। विगत डेढ वर्ष में इन मत्स्य पालक ने लगभग सात सौ किलोग्राम ट्राउड मछलियों का उत्पादित कर विक्रय कर चुके है। प्रधान वैज्ञानिक डा सुरेश चंद्रा ने विस्तार से सभी समस्यों के वैज्ञानिक समाधान करने के उपाय बताये, ट्राउड पालक धर्मपाल, कल्पेश्वर देवी, नारायण प्रकाश ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि ट्राउड से अच्छी सी आजिविका चला सकते है। उत्तराखंड मत्स्य विभाग गोपेश्वर के सहायक मत्स्य निर्देशक जगदंबा प्रसाद और कनक शाह के सहयोग से संगोष्ठी का ट्राउड रेसवो का भ्रमण किया गया। साथ ही समय-समय पर सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याण कारी योजनाओं के लाभ के बारे में भी जानकारी दी । इस मौके पर जगदीश, मनोज, बलवंत, महेश, दर्शन कुलदीप, शिव लाल आदि मौजूद थे।

 

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By admin

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