जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड के गांधीनगर के पास अनुसूचित जाति के लोगों को मिली पट्टे की भूमि पर तहसील प्रशासन की ओर से पार्किंग बनाये जाने को लेकर अनुसूचित जाति के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर मामले में उचित कार्रवाई किये जाने की मांग की है।
बता दें कि जोशीमठ नृसिंह मंदिर मोटर मार्ग के पास गांधीनगर के समीप तहसील प्रशासन की ओर से दो करोड़ 50 लाख की लागत से पार्किंग का निर्माण करवाया जा रहा है। जहां पर तहसील प्रशासन की ओर से पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है उस भूमि को अनुसूचित जाति के लोग स्वयं को सरकार की ओर से पट्टे पर दिये जाने की बात की जा रही है। और पार्किंग निर्माण का विरोध किया जा रहा है। अनुसूचित जाति जो लोग इस भूमि को अपना बता रहे है उनमें विषम्बर लाल और किशन लाल का कहना है कि वर्ष 1976 में सरकार की ओर से भूमिहीन होने के नाते सरकार की ओर से दस-दस नाली भूमि आंवटित की गई थी जिनका उनके पास पट्टा है। उनका यह भी कहना है कि वर्ष 1994 में सेना की ओर से भी इस भूमि को अपना बताया गया था तत्समय उनकी ओर से आपत्ति दर्ज करने पर भूमि का सीमांकन करने के बाद फिर से उन्हें इस भूमि पर कब्जा दिया गया था और तब से वर्तमान तक वे इस भूमि पर खेती बाडी का काम करते आ रहे है। और अब अचानक तहसील प्रशासन इस भूमि पर पार्किंग का निर्माण करवाने की बात कर उन्हें फिर से भूमिहीन करने पर आमादा है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में छानबीन कर उन्हें न्याय दिया जाए।

