गोपेश्वर (चमोली)। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष पूरण फरस्वाण और सचिव सतीश कुमार ने कहा कि यदि आगामी विधान सभा चुनाव आंचार संहिता से पहले सरकार पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेते है तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते है।
सोमवार को यहां जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि एक लंबे समय से राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग करता आ रहा है लेकिन सरकार इस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी जीपीएफ पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने के सम्बन्ध में 25 अगस्त को देहरादून में विधानसभा कूच करने से पूर्व प्रदेश सरकार ने संगठन को यह आश्वासन दिया गया था कि एनपीएस कर्मचारियों की पुरानी जीपीएफ पेंशन लागू करने की सकारात्मक कार्रवाई करेंगे। किन्तु लंबा समय बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार न अभी तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की है। जिससे अधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारियों के आक्रोश पनप रहा है। और सरकार को इसके घातक परिणाम भुगतने पड़ सकते है।

