खबर को सुनें

देवाल (चमोली)। चमोली जिले के देवाल तहसील मुख्यालय के लिए बन रही पेयजल योजना मानकों के अनुरूप नहीं बन रही है। पेयजल लाइन में 65 एमएम के पाइप बिछाये जाने थे लेकिन ठेकेदार ने 40 एमएम के बिछा दिए। जिसको लेकर जनप्रतिनिधियों में जल निगम के खिलाफ आक्रोश बना है। जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर ईई ने लाईन को उखाड़ कर 65 एमएम लाईन को बिछाने के आदेश सहायक अभियंता को दिए हैं।

गौरतलब है कि तहसील देवाल बाजार में पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए हनीगाड से देवाल के लिए दो करोड 30 लाख रुपए की लागत से  साढे छह किलोमीटर की लाइन  जल निगम की ओर से ठेकेदार के माध्यम से बनाई जा रही है। इंस्टेंट के आधार से श्रोत से 65 एमएम लोहे के पाइप बिछाया जाना है। लेकिन ठेकेदार ने 40 एमएम के पाइप बिछा कर आधी लाइन बना दी है।

पूर्व प्रमुख उर्मिला बिष्ट, पूर्व छात्र नेता महावीर बिष्ट, कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष कमल गडिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि हनीगाड पेयजल योजना मानकों के अनुरूप नहीं बन रही है। लाइन जगह-जगह पर ओपन है। उन्होंने कहा कि मानक के अनुसार हनीगाड से रिजर्व टैंक कलियाधार तक 65 एमएम के पाइप बिछाए जाने थे, लेकिन ठेकेदार की ओर से  40 एमएम के पाइप बिछाये जा रहे हैं, इस लाइन से 36  हजार की आबादी को पानी उपलब्ध कराना है।  जनप्रतिनिधियों ने इस बात शिकायत जल निगम के अधिशासी अभियंता गोपेश्वर से की है। जिस पर अधिशासी अभियंता ने सहायक अभियंता को जन प्रतिनिधियों की शिकायत पर पाइप लाइन को उखाड कर 65 एमएम के पाइप बिछाने के निर्देश दिए है।

अभिशासी अभियंता अरूण शाह ने कहा कि शिकायत मिली है। मौके पर जा कर जांच किया गया है। लाइन गलत बिछाई गई है। लाइन को उखाड़ कर 65 एमएम की लाइन को बिछवाने और पाइपों को मानक के तहत मिट्टी में दबाने के आदेश सहायक अभियंता को दिए है।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

By admin

error: Content is protected !!