गोपेश्वर (चमोली)। जिला मुख्यालय गोपेश्वर के 7 नालों के ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित करने के लिए सरकार ने पहले चरण के लिए 64 करोड़ की योजना को हरी झंडी दे दी है। दरअसल जिला मुख्यालय गोपेश्वर में 7 प्राकृतिक नालों के ड्रेनेज सिस्टम के व्यवस्थित न होने के चलते बरसात में पानी का फैलाव होने से पूरे नगर क्षेत्र को खतरा बना था। इसके चलते लगातार ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित करने और नालों के ट्रीटमेंट की मांग लगातार की जा रही थी। अब सरकार ने प्राकृतिक नालों की ट्रीटमेट और ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित करने के लिए प्रथम चरण में 64 करोड की योजना को मंजूरी दे दी है। सिंचाई खंड चमोली के अधिशासी अभियंता धीरज डिमरी ने योजना की मंजूरी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि फेज वन के तहत 64 करोड रुपये की मंजूरी मिलने के बाद विभाग द्वारा शासन से 2 करोड़ रुपये तत्काल निर्गत करने का का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि फेज-2 में भी 64 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बताया कि करीब 145 करोड की धनराशि से गोपेश्वर के सभी 7 नालों समेत अन्य नालों का भी ट्रीटमेंट और ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित कर पानी का प्रवाह अलकनंदा नदी में किया जाएगा। इससे नगर में भू-स्खलन की समस्या भी दूर होगी। इससे लोगों के मकानों की सुरक्षा को भी बल मिलेगा।
बताते चलें कि पालिका अध्यक्ष रहे प्रेम बल्लभ भट्ट ने जिला मुख्यालय गोपेश्वर के नर नारायण कालोनी, स्टेडियम, बैतरणी, जीरो बैंड, पाडुली, हल्दापानी तथा पठियालधार के प्राकृतिक नालों की जल निकासी को बेहतर करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था। इस मामले में पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2008 में 7.64 करोड़ की योजना का प्रस्ताव भेजा गया था। यह मामला लटका पड़ा रहा। अब शासन ने जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस योजना को मंजूरी दी है। इससे बरसात में पाडुली, पपडियाणा, ग्वीलों, चमणाऊ तथा गोपेश्वर गांव पर खतरा टलेगा और पूरे नगर की स्थिरता भी जल निकासी से बनेगी।
पूर्व काबिना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने इस योजना की मंजूरी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि पहले भी गोपेश्वर के विकास नगर भू-धंसाव के ट्रीटमेंट के लिए सीएम धामी ने 80 करोड़ की योजना को धरातल पर उतारा है। अब इस योजना से गोपेश्वर नगर की स्थिरता को बल मिलेगा।

