‘जा मेरी गौरा जा तू शिव का कैलाश’ के जयकारों से गूंजा हिमालय, संपन्न हुई बड़ी जात
होमकुंड में लोकगीतों और जागरों के बीच मां नंदा की कैलाश विदाई भावुक हुए श्रद्धालु, चैसिंगा खाडू भी रवाना गोपेश्वर (चमोली)। मेरी मैत की धियाणी, तेरू बाटू हेरदू रोली… जा…
