परंपरा और संस्कृति के साथ 649 दीक्षार्थियों को मिलेगी उपाधि
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल का 12वां दीक्षांत समारोह आगामी 24 मार्च को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा हुआ है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति एवं दीक्षांत समारोह के समन्वयक प्रो. हरभजन सिंह चौहान द्वारा आयोजित एक प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। 12वां दीक्षांत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. योगेन्द्र नारायण की अध्यक्षता में होगा तथा समारोह के मुख्य अथिति केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत होगें।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार दीक्षांत समारोह को विशेष और यादगार बनाने के लिए स्थानीय परंपरा और संस्कृति को प्रमुखता दी जा रही है, गाउन के स्थान पर दीक्षार्थियों को स्थानीय सांस्कृतिक वेशभूषा में, विशेष रूप से पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र के साथ, मंच पर उपाधि प्रदान की जाएगी। यह पहल न केवल क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि विश्वविद्यालय की विशिष्ट पहचान भी स्थापित करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगीत का लोकार्पण भी किया जाएगा, जो संस्थान की सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत का प्रतीक होगा। प्रेसवार्ता में दीक्षांत समारोह के समन्वयक प्रो. हरभजन सिंह चौहान ने बताया कि यह समारोह वर्ष 2023-24 एवं सत्र 2024-25 के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल 649 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है।
दीक्षांत समारोह में 177 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि तथा 472 छात्र-छात्राओं को स्नातक डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न संकायों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को 105 स्वर्ण पदक भी प्रदान किए जाएंगे। प्रो. वाईएस रैवानी ने जानकारी दी कि इस बार पहली बार पीएचडी उपाधियाँ मंच से सीधे प्रदान की जाएंगी, साथ ही समारोह का सीधा प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया समन्वयक प्रो एम सेमवाल,चौरास परिसर के निदेशक प्रो. राजेंद्र सिंह नेगी, मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार, प्रो. धनपाल चौहान, डॉ. विजयकांत पुरोहित, डॉ. एस. एस. बिष्ट, डॉ. कपिल पंवार, डॉ. तेजपाल बिष्ट, डॉ. नितिन बिष्ट, डॉ. साकेत सहित अधिकारी एवं कर्मचरी उपस्थित रहे।

